हिंदी पुस्तकें क्यों नहीं पढ़ी जातीं?
मनुष्य पुस्तक विमुख हो गया है। उसने पुस्तकों को आलमारी में अकेला छोड़ दिया है। पुस्तक निर्वासित और अकेलेपन की
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Read Moreपाठकीय चेतना के निर्माण के लिए हिंदी भाषी क्षेत्र में सांस्कृतिक आंदोलन जरूरी है। मात्र सस्ती पुस्तकें मुहैया करा देने
Read Moreयह कहना गलत है कि हिंदी का पाठक वर्ग बढ़ा है। यूनेस्को के मुताबिक हम बत्तीसवें नंबर पर आते हैं।
Read Moreमैं एक लम्बे अरसे से पटना पुस्तक मेले में आता रहा हूँ। नेशनल बुक ट्रस्ट ने जब पहली बार यहां
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