Patna Book Fair 1990

संस्मरण: पटना पुस्तक मेला1990 – एक ऐतिहासिक समारोह

✍️14 से 25 नवम्बर, 1990 तक बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में पटना पुस्तक मेला 1990 आयोजित की गई थी। इस मेले का उद्घाटन 13 नवम्बर को अपराह्न 4 बजे हुआ था। यह मेला अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) द्वारा घोषित किया गया…


✍️14 से 25 नवम्बर, 1990 तक बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में पटना पुस्तक मेला 1990 आयोजित की गई थी। इस मेले का उद्घाटन 13 नवम्बर को अपराह्न 4 बजे हुआ था। यह मेला अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) द्वारा घोषित किया गया था।

इस मेले का उद्देश्य बिहार के लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में नवीनतम प्रकाशनों से परिचित कराना था। मेले में देश भर के 300 से अधिक प्रकाशकों ने भाग लिया था।‌ मेले में सेमिनार, कार्यशालाएं, चर्चाएं, सम्मेलन, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और बच्चो के लिए कई कार्यक्रम किए गए थे।

पटना पुस्तक मेला 1990 की सफलता के लिए कई व्यक्तियों ने योगदान दिया था।‌ उस समय मेले के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री डॉ० जगन्नाथ थे। 1990 मेले आयोजन में कई अन्य लोगों ने भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

इस मेले में भाग लेने वाले प्रकाशकों और आगन्तुकों ने इसकी बेमिसाल सराहना की थी। मेले में कई प्रसिद्ध, प्रख्यात लेखकों,‌ लेखिकाओं एवं प्रकाशकों ने भाग लिया था। मेले में कई नए और रोचक पुस्तकें प्रदर्शित की गईं थीं।

पटना पुस्तक मेला 1990 एक ऐतिहासिक महोत्सव था, जिसने बिहार की आम जनता को ज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में एक नई दिशा दी थी।


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