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बिहार में पाठकीयता का ग्राफ सबसे ऊपर
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हिन्दी इलाके की सांस्कृतिक राजधानी है पटना
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1991 Patna Book Fair: A Celebration of Literature and National Integration
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बिहार का गौरव है पटना पुस्तक मेला
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विज्ञान की लोकप्रियता के लिए हिन्दी में लेखन जरूरी : नये विज्ञान लेखकों में धैर्य, परिश्रम का अभाव: श्री गुणाकर मुले (पटना पुस्तक मेला 1996)
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क्यों नहीं बिकतीं उर्दू किताबें?
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पटना पुस्तक मेला 2000: किताबों के साथ कार्टून और संस्कृति का रंग
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2000 का पुस्तक मेला: गांधी मैदान से पाटलिपुत्र मैदान तक सिमटती किताबों की दुनिया
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पटना पुस्तक मेला : एक विहंगावलोकन
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23 अप्रैल क्यों है खास? — शेक्सपियर के 462वें जन्मदिन पर साहित्य की नई शुरुआत

