संस्मरण: पटना पुस्तक मेला 1988 (13 से 23 नवम्बर) — किताबों के जरिए ज्ञान, जागरूकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण
संस्मरण किताबों की अहमियत को कौन चुनौती दे सकता है भला ? इंसान के अन्दर छाए अज्ञान के के अन्धेरे
Read MorePatna Book Fair श्रेणी में Patna में आयोजित पुस्तक मेले के कार्यक्रम, लेखक संवाद, प्रतियोगिताएँ और सांस्कृतिक गतिविधियों की झलकियाँ मिलती हैं।
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Read Moreपुस्तक प्रदर्शनी से विश्व पुस्तक मेले तक भारत में पुस्तक मेलों का आंदोलन केवल प्रकाशन जगत की उपलब्धि नहीं, बल्कि
Read More1990 पटना पुस्तक मेला के समापन के बाद जब हर कोई इसकी सफलता पर जश्न मनाने में लगा हुआ था,
Read Moreसंस्मरण : शुक्रवार 16 जनवरी 2026 ✍️”किशोरी और महिला संरक्षण : कितना सच और कितना झूठ” इस विषय पर बृहस्पतिवार
Read Moreसंस्मरण अवधि: रविवार 13 नवम्बर से बुधवार 23 नवम्बर 1988उद्घाटन तिथि: 13 नवम्बर 1988 उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता: भूतपूर्व उपराष्ट्रपति
Read Moreमेले को सफल बनाने के लिए त्रुटिविहीन योजना तैयार की गई थी। पेशेवर सजावटकर्त्ता कर्मी बृंद को कलकत्ता से बुलाया
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