पुस्तक मेले क्यों बनते जा रहे हैं कर्मकांड?
पुस्तक मेले कर्मकांड बनते चले जा रहे हैं। मेलों में पुस्तक की अभिरुचि विकसित करने की ओर कम ध्यान दिया
Read MorePatna Book Fair श्रेणी में Patna में आयोजित पुस्तक मेले के कार्यक्रम, लेखक संवाद, प्रतियोगिताएँ और सांस्कृतिक गतिविधियों की झलकियाँ मिलती हैं।
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Read Moreयह कहना गलत है कि हिंदी का पाठक वर्ग बढ़ा है। यूनेस्को के मुताबिक हम बत्तीसवें नंबर पर आते हैं।
Read Moreहमारी दैनिक जरूरतों में किताब के लिए कोई जगह नहीं है। गरीबों में तो शायद किताब के प्रेमी मिल जायेंगे,
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Read Moreपटना शहर की कहानी पाटलिपुत्र से शुरू होती है। पाटलिपुत्र के नाम से इस नगर की स्थापना गौतमबुद्ध की मृत्यु
Read Moreपृष्ठभूमि : चारो तरफ शैक्षणिक-स्तर को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय निर्वाचक मण्डल के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री टी. एन.
Read Moreयह बात ज्यादातर लोग जानते हैं कि हुमायूं की मृत्यु अपने पुस्तकालय की सीढ़ियों से गिरने से हुई थी। पर
Read Moreमृत्यु शय्या पर पड़े हुए एक पिता ने अपने पुत्र को बुलाकर चौदह सौ किताबें सौंपते हुए कहा-बेटा, मेरी आखिरी
Read Moreआज के हालात में, जो लोग विश्वविद्यालय और कालेज शिक्षकों की कृति शून्यताको लेकर प्रायः चिन्तित रहते हैं वे यह
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